
कटनी RITHI GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP. 
नवीन शिक्षण सत्र शुरू हुए एक माह से भी अधिक का समय बीत गया है। विद्यायलयों में पढ़ाई भी शुरू हो गई है तो वहीं कुछ विद्यालयों में तीमाही का कोर्स भी चुका है। लेकिन अभी भी रीठी विकास खंड की कुछ स्कूलें पदस्थ जिम्मेदारों की मनमानी की शिकार हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब रीठी विकास खंड अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक शाला जालासूर का निरीक्षण करने शुक्रवार को जनपद पंचायत के सीईओ चंदूलाल पनिका सुबह 11 बजे पहुंचे तो ताला लटका मिला और स्कूल के बच्चे परिसर में यहां-वहां घूमते व खेलते नजर आए। जिस पर उन्होंने मौके पर नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान स्कूल परिसर में खड़े अभिभावकों ने भी सीईओ को शिकायत करते हुए बताया कि यह हाल आज के नहीं हैं। रोजाना यहां पर यही हाल रहते हैं। सीईओ ने इसका पंचनामा भी बनाया है।
शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल
जनपद पंचायत सीईओ के औचक निरीक्षण में रीठी विकास खंड की शिक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई है। अब ऐसी स्थिति में विकास खंड के बीईओ, बीआरसी, बीएसी, सीएसी व जनशिक्षकों द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले निरीक्षण पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं जो लाजमी भी हैं। सवाल खड़े भी क्यों न हो यह जिम्मेदार कार्यालय में बैठकर ही स्कूलों की व्यवस्थाएं जो देख लेते हैं। या फिर मुख्यालय के आसपास संचालित विद्यालयों का निरीक्षण कर औपचारिकता पूरी कर लेते हैं।
कभी समय पर नहीं खुलता स्कूल
ग्रामीणों ने मौके पर जनपद सीईओ से बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला जालासूर कभी भी समय पर नहीं खुलता है और न ही इस विद्यालय का जनशिक्षक कभी भ्रमण करते हैं। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि अब ऐसे में बच्चों का भविष्य कैसे उज्जवल होगा। जनपद सीईओ के निरीक्षण के दौरान रसोईया भी उपस्थित नहीं थे।
हावी है अफसरशाही, स्ट्रेचर पर शिक्षा व्यवस्था
सूत्रों की मानें तो रीठी विकास खंड में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों में अफसरशाही का माहौल व्याप्त है। जिसके चलते विकास खंड की शिक्षा व्यवस्था स्ट्रेचर पर आ गई है और स्कूलों की गुणवत्ता परखने के लिए तैनात किए गए बीएसी, सीएसी व जनशिक्षकों द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की बजाए कार्यालय में बैठकर ही खानापूर्ति कर ली जाती है। जिसका खुला प्रमाण विकास खंड का शासकीय प्राथमिक शाला जालासूर है।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे अधिकारी
रीठी विकास खंड के शासकीय प्राथमिक शाला जालासूर का विद्यालय जनपद पंचायत सीईओ के औचक निरीक्षण के दौरान सुबह 11 बजे तक बंद मिलने के संबंध में जब रीठी विकास खंड के बीईओ और बीआरसी से दूरभाष पर चर्चा की गई तो वे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए। बीईओ प्रवीण तिवारी का कहना था कि मामला संज्ञान में आया है, जिसकी जांच बीआरसी द्वारा की जा रही है। वहीं बीआरसी राकेश सिन्हारकर का कहना था कि मामला संज्ञान में आया है शनिवार और रविवार अवकाश होने के कारण सोमवार को उक्त विद्यालय प्रमुख को स्पष्टीकरण दिया जाएगा। संतोषजन जबाव न मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।







